Tuesday, 13 April 2021

ना जाने दूँगा।।

 वक्त आएगा दोस्त , जब मेरे भी कोई करीब होगा।

क्या यूँही हमेशा वक़्त मेरा बदनसीब होगा।

यकीन नही होता, वक़्त बदलते  क्या हो गया, 

जो था कभी अपना, आज न जाने कहाँ खो गया।।


सोचा तो था मिन्नत या ज़िद करके रोक लूँगा, 

खुशियो से तुम्हारे दामन भी भर दूंगा, 

एक कांटा भी रास्ते पर हो तेरे , तो खुद चलूँगा,

पर तुम्हें ज़िन्दगी से ना जाने दूँगा, ना जाने दूँगा।।।😘💝