वक्त आएगा दोस्त , जब मेरे भी कोई करीब होगा।
क्या यूँही हमेशा वक़्त मेरा बदनसीब होगा।
यकीन नही होता, वक़्त बदलते क्या हो गया,
जो था कभी अपना, आज न जाने कहाँ खो गया।।
सोचा तो था मिन्नत या ज़िद करके रोक लूँगा,
खुशियो से तुम्हारे दामन भी भर दूंगा,
एक कांटा भी रास्ते पर हो तेरे , तो खुद चलूँगा,
पर तुम्हें ज़िन्दगी से ना जाने दूँगा, ना जाने दूँगा।।।😘💝