Sunday, 9 June 2019

Is it selfishness....

Life में तुम्हें जिससे भी गुस्सा आता है, या जिसकी Activity देखकर गुस्से में कुछ बोलने का मन करे, तो उसे कुछ मत बोलो क्योंकि वे तुम्हें आगे नहीं बढ़ने नहीं देना चाहते।वे चाहते ही हैं कि वे अपनी Activity से आपको परेशान करें ताकि आप अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाओ, उन्हें डर भी रहता है कि अगर ये पहुंच गया तो, अगर यह कुछ कर गया तो, या इसे वो सब मिल गया जो इसे चाहिए तो,...
बस और अगर आप अंत मे नहीं पहुंच पाते तो भी वे चुप कहाँ बैठने वाले, वे तो तब भी मजाक उड़ाएंगे।
इसलिए इन सबसे अपना ध्यान हटाकर ये सोचो कि मुझे इनके काम और Activity से घंटा फ़र्क नहीं पड़ता। जो कबाड़ना है कबाड़ो , मैं तो पढूंगा, में तो अपना काम करूंगा, मैं तो आगे बढूंगा, चाहे जो हो जाए। उनके काम को देखें , पर दिमाग में जगह न लेने दें। नहीं तो दिनभर आपका गया और बस यही सोचते रहोगे की आज का दिन ही खराब है, कल से पढ़ेंगे। इसलिए दोस्त खुद के कामों से खुद को खुश रखो। अगर 4 लाइन  कुछ याद हो गया तो खुद को Appreciate करें, की अरे वाह यार यह तो तुमसे हो गया , और 2 लाइन याद  करो, तब माने । ऐसे ही खुद को चैलेंज करें औऱ खुश  रहें।
और यकीन मानिए जिस दिन आपका मन और आपका शरीर इस चैलेंज को Accept किया ना, उस दिन आपको   कोई नहीं रोक सकता , कोई भी आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता । बस खुद में भरोसा रखो , खुद को खुद से Motivate  करो, खुद में खुश रहो , स्वयं के काम से खुद को संतुष्ट रखो और जितना कर पाओ उतना ही कर के खुद में संतोष करो ।
जनता हूँ, कि कल पर काम छोड़ना गलत है But मेरा मानना है कि  अरे आज पूरा नहीं कर पाये तो क्या कल का दिन है ना, कल तो इसे कर के ही छोडूंगा, चाहे जो हो जाए ।
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Thank you dost