Tuesday, 13 April 2021

ना जाने दूँगा।।

 वक्त आएगा दोस्त , जब मेरे भी कोई करीब होगा।

क्या यूँही हमेशा वक़्त मेरा बदनसीब होगा।

यकीन नही होता, वक़्त बदलते  क्या हो गया, 

जो था कभी अपना, आज न जाने कहाँ खो गया।।


सोचा तो था मिन्नत या ज़िद करके रोक लूँगा, 

खुशियो से तुम्हारे दामन भी भर दूंगा, 

एक कांटा भी रास्ते पर हो तेरे , तो खुद चलूँगा,

पर तुम्हें ज़िन्दगी से ना जाने दूँगा, ना जाने दूँगा।।।😘💝




Monday, 15 June 2020

सफलता

आज की दुनिया मे हर कोई सफलता चाहता है। हर कोई चाहता है कि वो सफल बने , फिर चाहे वो सफलता चाहे जैसे भी मिले। आज जहां सफल होना हर कोई चाहता है, लेकिन उस रास्ते पर कोई चलना नही चाहता जिसपर चल के उसे सफलता मिलेगी। हर किसी को सफलता आसानी से मिलनी चाहिए।
सपने देखना और सपने को सच करने के लिए उतना मेहनत करना दोनो अलग अलग चीज है ।
सपना हर कोई देखता है,  फिर चाहे वो अमीर हो या गरीब, लेकिन उसके लिए मेहनत सबके बस की बात नही होती।
आज 99% लोग 4g use कर रहे हैं, आराम से बेड में लेटे लेटे you tube का मजा ले रहे हैं, whatsapp aur facebook पर टाइम waste कर रहे हैं, ऐसे लोगों की एक क्लास छूट जाए तो कोई दिक्कत नही है लेकिन अगर एक latest upload video एक नई movie छूट जाए तो दिनभर में चार बार जरूर बोलेंगे। 😊😊

जिंदगी क्या है??

आपको क्या लगता है, जिंदगी क्या है? दुनिया कुछ भी कहे,  लेकिन मेरे ख्याल से जिंदगी को किसी एक चीज़ से तुलना कर के नहीं समझ जा सकता। क्योंकि हर किसी के लिए जिंदगी को जीने का तरीका अलग है। 
            जिंदगी एक पल में आपको एक राजा के जैसा feel कराती है, तो अगले ही पल अपने आँचल में ना जाने कौन सा दुख छुपाये बैठे रहती है। अगर कभी भी आपको लगे ना कि आपने बहुत कुछ हासिल कर लिया है, अब मुझे मेहनत की क्या जरूरत। और जिस दिन आपने struggle करना छोड़ दिया, उस दिन से जिंदगी करवट बदलने लगती है। आप अपने आप में मगरूर होकर life  जियें, लेकिन अपनी खूबियों को पहचान कर मेहनत करते रहें। क्योंकि वक़्त का क्या भरोसा ? है ना ।।।।

Sunday, 9 June 2019

Is it selfishness....

Life में तुम्हें जिससे भी गुस्सा आता है, या जिसकी Activity देखकर गुस्से में कुछ बोलने का मन करे, तो उसे कुछ मत बोलो क्योंकि वे तुम्हें आगे नहीं बढ़ने नहीं देना चाहते।वे चाहते ही हैं कि वे अपनी Activity से आपको परेशान करें ताकि आप अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाओ, उन्हें डर भी रहता है कि अगर ये पहुंच गया तो, अगर यह कुछ कर गया तो, या इसे वो सब मिल गया जो इसे चाहिए तो,...
बस और अगर आप अंत मे नहीं पहुंच पाते तो भी वे चुप कहाँ बैठने वाले, वे तो तब भी मजाक उड़ाएंगे।
इसलिए इन सबसे अपना ध्यान हटाकर ये सोचो कि मुझे इनके काम और Activity से घंटा फ़र्क नहीं पड़ता। जो कबाड़ना है कबाड़ो , मैं तो पढूंगा, में तो अपना काम करूंगा, मैं तो आगे बढूंगा, चाहे जो हो जाए। उनके काम को देखें , पर दिमाग में जगह न लेने दें। नहीं तो दिनभर आपका गया और बस यही सोचते रहोगे की आज का दिन ही खराब है, कल से पढ़ेंगे। इसलिए दोस्त खुद के कामों से खुद को खुश रखो। अगर 4 लाइन  कुछ याद हो गया तो खुद को Appreciate करें, की अरे वाह यार यह तो तुमसे हो गया , और 2 लाइन याद  करो, तब माने । ऐसे ही खुद को चैलेंज करें औऱ खुश  रहें।
और यकीन मानिए जिस दिन आपका मन और आपका शरीर इस चैलेंज को Accept किया ना, उस दिन आपको   कोई नहीं रोक सकता , कोई भी आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता । बस खुद में भरोसा रखो , खुद को खुद से Motivate  करो, खुद में खुश रहो , स्वयं के काम से खुद को संतुष्ट रखो और जितना कर पाओ उतना ही कर के खुद में संतोष करो ।
जनता हूँ, कि कल पर काम छोड़ना गलत है But मेरा मानना है कि  अरे आज पूरा नहीं कर पाये तो क्या कल का दिन है ना, कल तो इसे कर के ही छोडूंगा, चाहे जो हो जाए ।
...
Thank you dost

Friday, 6 April 2018

माँ के लिए

Hii frnds kaise hain aaplog,
pta hai doston "maa" jo hoti hai na wo bahut achhi hoti hai, unhe sab pta hota hai lekin jab bhi humse koi galti ho jati hai ya kuch galat ho jata hai to sabse pahle usko chipane kaa kaam kiska hota hai, maa ka..
ek maa jo ek vreedha aasram me apna bacha samay kat rhi hai, ye 2 lines maine us maa ki oor se likhne ki kosis ki hai jo apna sukh chain aur khusi tyag kr apna jiwan jis bachhe ka future bnane me lga deti hai, wahi bachha baad me itna badal jata hai wo apni maa ko hi bhul jata hai..
life me adhiktar cheezein dobara mil sakti hain but parents wo kbhi nhi milte..
so give respect your parents frnds..
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                          माँ के लिए
     दिन बीत जाती है, शाम भी ढल जाता है,
     कोई मिलने आता नहीं,
     बस यादों में रात बीत जाती है।
     कुछ थी होगी कमी परवरिश में मेरी,
     जिसे सोच, तू मुझे सताता रहता है,
     एक दिन चली जाउंगी सब छोड़कर,
     फिर ना कहना, "माँ आपकी बहुत याद आती है"।
     जी करता है तुझे गले लगाकर,
      बचपन में तेरे खो जाऊं,
      तेरी हर निश्छल हंसी पे में वारी जाऊं।।